Tuesday, February 27, 2018

इन्सान रहने दो इन्सान को !

कभी सोचता हूँ यदि ईश्वर-अल्लाह इत्यादि एक ही है

तो हम सबको अलग-अलग पैदा क्यों किया ?

इस बारे में क्या सोचते है आप ?

और माना कि पैदा  किया  भी तो फिर बीच में

कहाँ से आ टपके हमारे माँ-बाप ?

और पर्वत-पहाड़ नदियाँ तो बनते बिगड़ते है अपने आप

फिर इन सबको भी ऊपर वाले ने बनाया क्यों कहते है आप ?

और कभी सड़क पर आपको ड्राईवर टक्कर से बचा भी दें

तो आप पूरा श्रेय देते हैं भगवान को !

और मर गए तो आफत आती है ड्राईवर की जान को !

थोडा  सोचो यार जाति-धर्म और भगवानों में क्यों बाँटते हो इंसान को ?

हम सब इंसानों की औलाद है तो बस इन्सान रहने दो इन्सान को !

Wednesday, February 14, 2018

Happy Valentine day

जब पकने लगती है कच्ची अमियाँ ,

और जब आने लगती हैं  यह गर्मियां ,

तब एक तड़प सी उठती है,

लगता है कुछ तो था,

तुम्हारे-हमारे दरमियाँ |

अब साथ नहीं है हम और तुम,

याद तुम्हारे सितम भी है,

पर प्यार नहीं हो पाया गुम |

Happy Valentine day