जब पकने लगती है कच्ची अमियाँ ,
और जब आने लगती हैं यह गर्मियां ,
तब एक तड़प सी उठती है,
लगता है कुछ तो था,
तुम्हारे-हमारे दरमियाँ |
अब साथ नहीं है हम और तुम,
याद तुम्हारे सितम भी है,
पर प्यार नहीं हो पाया गुम |
Happy Valentine day
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