Tuesday, January 17, 2017

ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर------

हमने दुश्मन ना बनाया किसी को,
ना किसी को बनाया दोस्त,
ना किसी के साथ दारू पी,
ना किसी के साथ खाया गोस्त.
ना गुटखा,तम्बाकु, खैनी खाई ,
ना बीड़ी पी,ना ही चबाया पान,
बस अपने काम में लगे रहे,
धरे कभी ना इधर-उधर कान.
मोह्ब्बत करने की धुन लगी,
पर उसमें भी हो गये फ़ैल ,
सफल मोहब्बत में  वही होता ,
जिसने खेले ऊपर वाले सब खेल.
फक्कड़ रहकर मस्त है,
करते दुनिया की सैर,
ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर.

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