कभी-कभी आते ऐसे पल जिंदगी में
जो करते हैं निराश ,
ना चाहते हुए भी हम
हो जाते हैं उदास .
पर क्यों होता है ऐसा ?
पूछा मैंने अपने आप से.
जवाब मिला शायद पूरी नहीं
हो पाती अपेक्षाएं ??????
पर क्या सचमुच निराश हुआ जाए
रोजमर्रा की इन दुविधाओं से ?
शायद निराशाओं के पार हो
उम्मीदों की रोशनी .
जो करते हैं निराश ,
ना चाहते हुए भी हम
हो जाते हैं उदास .
पर क्यों होता है ऐसा ?
पूछा मैंने अपने आप से.
जवाब मिला शायद पूरी नहीं
हो पाती अपेक्षाएं ??????
पर क्या सचमुच निराश हुआ जाए
रोजमर्रा की इन दुविधाओं से ?
शायद निराशाओं के पार हो
उम्मीदों की रोशनी .
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