Saturday, April 28, 2012

चाह नही है--------------

चाह नही है मरने पर 
लोग फूल चढ़ाएं .
चाह नही है मरने पर 
लोग जुलुस निकालें 
चाह नही है मरने पर 
लोग मुझे जलाएं .
चाह नही है मरने पर 
लोग मुझे दफनायें ,
चाह नही है मरने पर 
तिया , चौथा,बारहवां करे कोई 
चाह नही है मरने पर दिन रात रोएँ कोई
चाह यही है मरने पर 
बस मेरे शरीर को मेडिकल 
कॉलेज को डोनेट कर आएँ.













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