| चाह नही है मरने पर
लोग फूल चढ़ाएं .
चाह नही है मरने पर
लोग जुलुस निकालें
चाह नही है मरने पर
लोग मुझे जलाएं .
चाह नही है मरने पर
लोग मुझे दफनायें ,
चाह नही है मरने पर
तिया , चौथा,बारहवां करे कोई
चाह नही है मरने पर दिन रात रोएँ कोई
चाह यही है मरने पर
बस मेरे शरीर को मेडिकल
कॉलेज को डोनेट कर आएँ.
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