आखिरी छोर पर जो खड़ा है इस देश में
ग्राम्य जीवन के परिवेश में ,
उसे क्यों नहीं कोई आगे बढ़ने देता है ?
क्यों उसके हक-अधिकारों को कोई और छीन लेता है ????
ग्राम्य जीवन के परिवेश में ,
उसे क्यों नहीं कोई आगे बढ़ने देता है ?
क्यों उसके हक-अधिकारों को कोई और छीन लेता है ????
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