यह जो तुम्हारे आस पास
नदियाँ है ना.
इनको कभी देखना मेरी
नज़र से .
यह तुम्हें बिना थके
बिना रुके
निर्मल ----
कलकल ----
करती और सदैव चलती नजर
आयेंगी और पूछना इनसे ये
थकती क्यों नहीं ?
और यह जो बादल है तुम्हारें
आसपास
यह मेरे सन्देश वाहक नजर
आयेगें तुम्हें ,
पूछना इनसे सन्देशा मेरा .
शायद ये कुछ बताएं तुम्हें.--------!!! |
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